हुड्डा के पीनल रेंट माफी पर अटका फैसला, कैबिनेट में मंत्रियों ने उठाए सवाल
- By Gaurav --
- Thursday, 16 Apr, 2026
Decision on Bhupinder Singh Hooda’s
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकारी कोठी के पीनल रेंट माफी का मामला फिलहाल अधर में लटक गया है। मंत्रिमंडल की हालिया बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा तो हुई, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैठक के दौरान कैबिनेट के तीन मंत्रियों ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताई, जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मामले को फिलहाल टाल दिया। मंत्रियों का कहना था कि केवल पीनल रेंट माफी पर विचार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कोठी के रखरखाव, बिजली, पानी और मैनपावर सहित सभी खर्चों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया था, जिसके चलते उन्हें कैबिनेट रैंक के अनुसार चंडीगढ़ के सेक्टर-7 में सरकारी कोठी आवंटित की गई थी। पिछले पांच वर्षों से इस आवास से पार्टी की गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
हालांकि, 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर देरी हुई, लेकिन इस दौरान भी हुड्डा ने सरकारी आवास खाली नहीं किया। सरकार की ओर से दिसंबर 2024 में कोठी खाली करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके लिए उन्होंने 15 दिन का समय मांगा, लेकिन आवास खाली नहीं किया गया।
इसके चलते लोक निर्माण विभाग के नियमों के तहत पीनल रेंट बढ़कर 16.49 लाख रुपये तक पहुंच गया। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में कुछ मंत्रियों ने बिना पूरी वित्तीय जानकारी के इतनी बड़ी राशि माफ करने पर सवाल उठाए और संबंधित विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
फिलहाल सरकार ने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी खर्चों का पूरा ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।